हुतात्माओं के लुटेरे
गोरखपुर मे शहीद "भगत सिंह के सपनों का भारत" पर एक गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन हुतात्माओं के सपनों का भारत कहाँ है? भारत आज भी उपनिवेश है और राष्ट्र कुल का सदस्य भी। जिस हुतात्मा राम प्रसाद बिस्मिल के बलिदान के बल पर टी॰वी॰ राजेश्वर राज्यपाल है, मुल्ला आयम मुख्यमंत्री था और डाक्टर हरिओम कलक्टर है, जब उनको ही आवंटित ३.३ एकड़ भूमि सब ने मिलकर बेंच डाली तो यह लोग किसे छोडेंगे? टी॰वी॰ राजेश्वर का मुल्ला आयम से लूट मे हिस्से का विवाद आज तक नहीं निपटा।
जिनको इस बात के लिए लज्जा नहीं है कि उनकी शासक आमेर खजाने की चोरनी है। जिसको ईसा की आज्ञा है कि वह मनुष्य के पुत्र का मांस खाए व लहू पिए और जो भी ईसा को राजा न माने उसको क़त्ल कराए। यदि इंटोनिया को ही शासन करना था तो विक्टोरिया क्या बुरी थी व एलिजाबेथ मे क्या बुराई है? नाहक मे लहू बहाया हमारे पूर्वजों ने!
यह लोग हुतात्माओं का सम्मान कर रहे हैं या अपमान? निणॅय स्वयं करें।
Thursday, September 27, 2007
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